Breaking News

पुनः उसी वातावरण में लौटने लगते है ।। Usi Vatavaran Me Lautana.

10:54
यह जानकर भी हम इस ओर कदम नहीं उठाते । यदि किसी के कहने सुनने से उठकर चल भी पड़ते है, तो ज्यादा नहीं चल पाते, थककर बैठ जाते है ! और पुनः उ...Read More

हम अविश्वास के भावों को जल्दी ग्रहण करते है ।। Avishwas ke Bhav.

10:45
मित्रों, हम अविश्वास के भावों को जल्दी ग्रहण करते है, विश्वास के भावों को नहीं । उसका कारण ये है, कि हमारें चारों ओर का वातावरण ही अविश्व...Read More

महाभारत का युद्ध बाहर मैदान में था । Mahabharat Ka Yuddha.

10:43
मित्रों, उस समय महाभारत का युद्ध बाहर मैदान में था । आज महाभारत हर मानव के अन्दर चल रहा है । हम हर समय युद्ध करते रहते है, जिसे वैचारिक...Read More

अधर्म की नीति को धारण कर अपने स्वयं के लिए लड़ रहे है । Adharma Ki Niti.

10:36
और ये जो सब सामने खडे है, अधर्म की नीति को धारण कर अपने स्वयं के लिए लड़ रहे है । तुम धर्म की नीति को धारण कर मानवता के लिए लड़ रहे हो । ...Read More